आमतौर पर कभी न कभी रेलयात्र तो की है. कई बार यह यादगार भी रहती है. खासतौर से तब, जब बारिश के मौसम में हरियाली की चादर ओढ़े प्रकृति के बीच से ट्रेन गुजरती है. रोमांच पसंद करने वालों के लिए तो यह सु:खद अनुभव होता ही है. क्या आप जानते हैं, दुनिया में कई ऐसे ट्रेन रूट हैं, जो खतरनाक होने के साथ रोमांच से भी भरे हैं. आपको ऐसी ही रेल यात्र पर लेकर चलते हैं, जिस पर चलने के लिए आपको अपना दिल मजबूत करना होगा. तो चलिए शुरू  करते हैं सफर..

ट्रांस-साइबेरियन रेलवे, रूस

ट्रांस-साइबेरियन रेलवे ट्रैक मास्को से लेकर रूस और जापान के समुद्र को जोड़ता है. इसे दुनिया की सबसे लंबी रेलवे लाइन कहा जाता है. यह लाइन मंगोलिया, चीन और उत्तर कोरिया की लाइनों से भी जुड़ा है। इसे 1916 में मास्को को व्लादिवोस्तोक से जोड़ा गया था और अभी भी इसका विस्तार हो रहा है। साइबेरियन रेलवे लाइन का निर्माण 1891 में शुरू हुआ था.

गेओनग्वा स्टेशन, दक्षिण कोरिया

गेओनग्वा स्टेशन, दक्षिण कोरिया

दक्षिण कोरिया के जीनहे क्षेत्न में तीन लाख 40 हजार चैरी के पेड़ हैं. यहां के पेड़ों से फूल गिरते हैं और जमीन पर बिछ जाते हैं. गेओनग्वा स्टेशन भी इसी क्षेत्न में है.यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है.

क्युम्बर्स एंड टॉलटेक सीनिक रेल रोड, न्यू मैक्सिको

64 मील लंबे ये रेलमार्ग 1880 में बना था. इसका नाम 800 फुट ऊंचे टॉलटेक मार्ग व 10,015 फुट ऊंचे क्युम्बर्स पास के ऊपर रखा गया है. बता दें, क्युम्बर्स पास अमेरिका का सबसे ऊंचा है. इसी में से होकर यह अद्भुत रेलमार्ग 1971 से लोगों को मनोहर प्राकृतिक दृश्यों की सैर करा रहा है.

कुरंड सीनिक रेलरोड, ऑस्ट्रेलिया

34 किमी लंबा यह रेलमार्ग कैरन्स को क्वींसलैंड स्थित कुरंड शहर से जोड़ता है. यह मार्ग राष्ट्रीय उद्यान व मैकलिस्टर रेंज के घने वर्षावन से होकर गुजरता है. इसका निर्माण 1882 से 1891 के बीच किया गया. मार्ग के बीच में पड़ने वाली कई झरनों की फुहारें सफर को मनोरम बना देते हैं. इस दौरान मार्ग पर ट्रेन कुल 15 सुरंगों, 93 मोड़ों व 40 पुलों से होकर गुजरती है.

एर्गो गेडे रेलमार्ग, इंडोनेशिया

एर्गो गेडे रेलमार्ग, इंडोनेशिया

सांसें थमा देने वाला यह रेलमार्ग जकार्ता को बंडुंग शहर से जोड़ता है. सफर का सबसे मुश्किल भाग 200 फुट ऊंचे सिकुरतुग पुल को पार करना है.

जॉर्ज टाउन लूप रेलमार्ग, कोलोराडो

 1877 में इस रेलमार्ग को चांदी की खदानों तक पहुंचने के उद्देश्य से बनाया गया था. 1939 में इसे बंद कर दिया गया था, लेकिन 1984 में इसे पर्यटकों के लिए दोबारा शुरू कर दिया गया. मार्ग का मुख्य आकर्षण 100 फुट ऊंचा डेविल्स गेट हाई ब्रिज है.

बादलों में रेलमार्ग, अर्जेंटीना

इसे बादलों में चलने वाली रेल भी कहते हैं. 217 किमी लंबा यह रेलमार्ग अर्जेंटीना में साल्ता व ला पोल्वोरिला को जोड़ता है. एंडीज पर्वत श्रृंखला में फैले रेलमार्ग को निर्माण के 27 वर्ष बाद 1948 में पर्यटकों के लिए खोला गया था. सफर के दौरान ट्रेन 29 पुलों, 21 सुरंगों व 13 खाई पर बने ऊंचे पुलों पर से होकर गुजरती है. मुख्य आकर्षण पोल्वोरिला पुल है. 224 मीटर लंबा व 13,845 फीट ऊंचा यह पुल इस मार्ग को दुनिया के सबसे ऊंचे रेलमार्गों में शामिल करता है.

डेविल्स नोज रेलमार्ग, इक्वाडोर

डेविल्स नोज रेलमार्ग, इक्वाडोर

12 किमी लंबा यह रेलमार्ग एंडीज पर्वत श्रृंखला में अलौसी व सीबॉम्बे के बीच फैला है. इसका निर्माण 1902 में किया गया था. डेविल्स नोज रेलमार्ग समुद्रतल से 9000 फुट की ऊंचाई में बना है. इसे बनाने व चालू रखने के लिहाज से यह दुनिया के सबसे मुश्किल रेलमार्ग में से एक है.

ल्यंटों एंड लिंमाउथ क्लिफ रेलवे, यूके

862 फुट लम्बी रेल लाइन ल्यंटों व लिंमाउथ को जोड़ती है. खास है, सफर लिंमाउथ से शुरू होकर 500 फुट ऊंची सीधी चढ़ाई करते हुए गुजरता है. इसे 1890 में शुरू किया गया था. 110 मील लंबा रेल मार्ग 1900 में अलास्का स्थित स्काग्वे को कनाडा के व्हाइटहॉर्स से जोड़ने के लिए क्लोंदिके गोल्ड रश के दौरान बनाया गया था. यह मार्ग 3000 फुट की ऊंचाई तक 20 मील के रास्ते में चढाई करता है. इस दौरान यह 2 सुरंगों व कई पुलों को पार करता है.

पम्बन पुल, भारत

पम्बन पुल, भारत

दक्षिण भारत में स्थित यह रेल मार्ग पम्बन द्वीप पर बसे रामेश्वरम् शहर को भारत के मुख्य शहर से जोड़ता है. 1911 में इस पुल का निर्माण शुरू  किया गया. 1914 में आवाजाही शुरू हो सकी. 6776 फुट लंबा यह ब्रिज दुनिया के सबसे खतरनाक रेलमार्गों की सूची में शामिल है. समुद्र तल से अधिक ऊंचाई ना होने से पुल को खतरनाक समुद्री लहरों का सामना भी करना होता है.

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