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इस शख्स की वजह से हम संडे को बना सकते है अपना फन डे, जानिए इसके पीछे की असली वजह !

रविवार को छुट्टी क्यों दी जाती है
रविवार को छुट्टी क्यों दी जाती है

बच्चा हो या फिर कोई बड़ा व्यकित हर किसी को संडे का बेसब्री से इंतजार रहता है. दरअसल, रविवार का दिन सबके लिए छुट्टी का दिन यानि की मस्ती का दिन होता है. हालांकि, ऐसा नही है की दुनिया के सारे देशों में रविवार को ही छुट्टी होती है लेकिन ज्यादातर देशों में रविवार को ही छुट्टी मनाई जाती है. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि सप्ताह के 7 दिनों में से सिर्फ संडे ही क्यों होता है छुट्टी का दिन? आखिर संडे की छुट्टी के पीछे क्या इतिहास है और ये कब शुरू हुआ. तो चलिए आज हम आपको संडे की छुट्टी के पीछे छिपी असली वजहों के बारें में बताते है:

narayan meghaji lokhande
narayan meghaji lokhande

दरअसल, ब्रिटिश राज में भारत में मजदूर वर्ग सातों दिन काम करते थे. जिससे मजदूरों की हालत बिगड़ती जा रही थी. इतना ही नहीं, उन्हें खाना-खाने के लिए लंच का समय भी नहीं दिया जाता था. उस समय मजदूरों के नेता श्री नारायण मेघाजी लोखंडे हुआ करते थे उन्होंने अंग्रेजों के सामने ये पेशकश की थी की हमारे मजदूरों को सप्ताह के एक दिन छुट्टी मिलनी चाहिए जिससे वो अपने परिवार के साथ एक दिन आराम से बिता सकें और अपने ज़रूरी काम निपटा सकें. माना जाता है कि इसके बाद 10 जून, 1890 को मेघाजी लोखंडे का प्रयास सफल हुआ और अंग्रेजी हुकूमत को रविवार के दिन सबके लिए छुट्टी घोषित करनी पड़ी. बता दें, नारायण मेघाजी लोखंडे जी ही हैं जिनकी वजह से हमें रविवार की छुट्टी और दोपहर में आधे घंटे की खाने की छुट्टी की सुविधा मिलती है. वहीं, भारत सरकार ने भी नारायण मेघाजी लोखंडे को सम्मान देते हुए 2005 में उनका एक डाक टिकट जारी किया.

REASON BEHIND SUNDAY HOLIDAY IN INDIA
REASON BEHIND SUNDAY HOLIDAY IN INDIA

वैसे हाल ही में एक शोध के अनुसार, सात दिन में एक दिन छुट्टी होनी ही चाहिए. इससे दिमाग और शरीर को शांति व आराम मिलता है. जिससे व्यकित के काम करने की गति और रचनात्मक उर्जा में भी वृद्धि होती है. वहीं, भारत में रविवार की छुट्टी सबसे पहले मुंबई में दी गई थी. बता दें रविवार की छुट्टी को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं भी हैं. दरअसल सभी धर्मों में एक दिन भगवान के नाम का होता है जैसे- हिंदू धर्म के हिसाब से सप्ताह की शुरुआत सूर्य के दिन यानी रविवार से मानी जाती है. ऐसे ही ज्यादातर मुस्लिम देशों में शुक्रवार यानि की जुम्मा होता है. इस वजह से वहां रविवार की जगह शुक्रवार को ही छुट्टी होती है.ठीक इसी तरह ईसाई धर्म में रविवार को ईश्वर का दिन मानते हैं और अंग्रेजों ने भारत में भी उसी परंपरा को बरकरार रखा था.

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