एंजेला मर्केल : वर्ष 2005 में जर्मनी की पहली महिला चांसलर बनीं मर्केल ने यूरोप की सबसे बडी अर्थव्यवस्था को अपने नेतृत्व में आगे बढाया. लगातार तीन बार चांसलर चुनी गर्इं मर्केल ने आर्थिक संकटों, राजनीतिक मुद्दों और शरणार्थी संकट जैसी कठिन परिस्थितियों में भी जर्मनी, यूरोप ही नहीं पूरी दुनिया को राह दिखाई. फिजिक्स में डॉक्टरेट मर्केल फोर्ब्स की सबसे शिक्तशाली महिलाओं की सूची में भी शीर्ष पर रहीं.

Politician Angela Merkel
Politician Angela Merkel

हिलेरी क्लिंटन : अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला क्लिंटन (1993-2001) न्यूयॉर्क राज्य की सीनेटर भी रह चुकी हैं. अब देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनने की उम्मीदवार क्लिंटन किसी प्रमुख राष्ट्रीय पार्टी की उम्मीदवारी जीतने वाली पहली महिला बन ही चुकी हैं.

Politician hillary clinton
Politician hillary clinton

टेरीजा मे : मार्गरेट थेचर के बाद ब्रिटेन की दूसरी महिला प्रधानमंत्री बनने वाली मे ने 13 जुलाई 2016 को डेविड कैमरु न के इस्तीफे के बाद पद संभाला. ब्रिटेन के यूरोपीय संघ छोडने के फैसले से पैदा हुए गंभीर राजनैतिक और आर्थिक उथल-पुथल के दौर में देश की कमान संभालने वाली मे 2010 से गृह मंत्री थीं. वो ब्रटेन के ईयू के साथ रहने की पक्षधर भी थीं.

Theresa May
Theresa May

एलन जॉन्सन सरलीफ : लाइबेरिया की सरलीफ को ‘लौह महिला’ कहा जाता है. वर्ष 2005 में अफ्रीका की पहली चुनी हुई महिला राष्ट्रपति बन कर उन्होंने इतिहास रच दिया. नोबेल शांति पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुकीं अर्थशास्त्री, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और वित्त मंत्री रहीं सरलीफ को 2011 में दोबारा राष्ट्रपति चुना गया.

आंग सान सू ची : नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित सू ची म्यांमार में लोकतंत्र की प्रतीक हैं. देश के सैनिक शासकों ने उन्हें सालों तक नजरबंदी में रखा और आजाद होने के बाद भी उनके राष्ट्रपति बनने के राह में संवैधानिक बाधाएं खडी कीं. नवंबर 2015 में हुए चुनाव में वे स्टेट काउंसिलर चुनी गर्इं, जो सरकार प्रमुख जैसा पद है. वे देश की विदेश मंत्री भी हैं. राष्ट्रपति के तौर पर उन्होंने अपने विश्वासपात्र को चुना.

Aung San Suu Kyi
Aung San Suu Kyi

क्रि स्टीन लेगार्ड : फ्रांस की वित्त मंत्री रह चुकीं लेगार्ड 2011 में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख बनने वाली पहली महिला बनीं. 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के बाद के कठिन दौर में आईएमएफ को बेमिसाल नेतृत्व देने वाली लेगार्ड को लगातार दूसरी बार प्रमुख चुना गया. पेशे से कानूनविद् लेगार्ड पहले कॉपोर्रेट लॉयर भी रह चुकी हैं.

Christine Lagarde
Christine Lagarde

मिशेल बाशले : पूरे लैटिन अमेरिका में केवल चिली ही ऐसा देश है, जहां वर्तमान में महिला राष्ट्रपति है. विपक्षी दल की पूर्व नेता रह चुकी बाशले को आॅगुस्टो पिनोचेट के शासन काल में काफी यातनाएं दी गर्इं. वे पूरे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में रक्षा मंत्री बनने वाली पहली महिला बनीं. इसके बाद जनवरी 2006 से 2010 के बीच राष्ट्रपति भी बनीं. दिसंबर 2013 में उन्हें दोबारा राष्ट्रपति चुना गया.

मिशेल बाशले
मिशेल बाशले

जेनेट येलेन : 2013 में अमेरिकी फेडरल रजिर्व की प्रमुख चुनी गर्इं येलेन से पहले केंद्रीय बैंक के इस पद पर केवल पुरु ष ही रखे जाते थे. हॉवर्ड युनिविर्सटी में प्रोफेसर रह चुकी येलेन पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की मु्ख्य आर्थिक सलाहकार भी रह चुकी हैं.

Janet Yellen
Janet Yellen

मार्गरेट चान : मार्गरेट चान विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रमुख हैं. हांगकांग के स्वास्थ्य विभाग को बर्ड फ्लू और सार्स जैसी महामारियों के दौरान सफल नेतृत्व देने वाली चान खुद भी पेशे से डॉक्टर रही हैं.

margaret chan
margaret chan

आइरीना बोकोवा : बुल्गारिया की बोकोवा संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक शाखा यूनेस्को की प्रमुख बनने वाली पहली महिला हैं. 2009 में पहली बार यूनेस्को प्रमुख चुनी गर्इं बोकोवा को 2013 में दोबारा नियुक्त किया गया. पेशेवर राजनियक बोकोवा ने लैंगिक बराबरी के लक्ष्य को यूनेस्को के केंद्र में रखा है. उन्हें संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव के पद के लिए भी दावेदार माना जा रहा है.

irina bokova
irina bokova

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