Dangerous Virus
Dangerous Virus

इन दिनों हमारे देश में निपाह वायरस का खतरा फैला हुआ है. केरल में इस वायरस के कारण हुई 10 मौतों के बाद अब देश भर में आतंक का माहौल है. पर ऐसा नहीं कि निपाह ही एकमात्र खतरनाक और जानलेवा वायरस हो. आइए हम आपको कुछ और ऐसे वायरस के बारे में बताते हैं, जो समय समय पर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मानव के लिए खतरनाक साबित होते रहे हैं.

मारबुर्ग वायरस

यह सबसे खतरनाक वायरस है. मारबुर्ग रक्तस्रावी बुखार का वायरस है. इबोला की तरह इस वायरस के कारण मांसपेशियों में दर्द होता है. श्लेष्मा ङिाल्ली, त्वचा और अंगों से रक्तस्राव होने लगता है. 90 फीसदी मामलों में मारबुर्ग के शिकार मरीजों की मौत हो जाती है.

Marburg virus
Marburg virus

इबोला वायरस

इसकी की पांच नस्लें हैं. हर एक का नाम अफ्रीका के देशों और क्षेत्रों पर है. जायरे, सुडान, ताई जंगल, बुंदीबुग्यो और रेस्तोन. जायरे इबोला वायरस जानलेवा है, इसके शिकार 90 फीसदी मरीजों की मौत तय है. इस नस्ल का वायरस फिलहाल गिनी, सियरा लियोन और लाइबेरिया में फैला हुआ है. वैज्ञानिकों का कहना है कि शायद फ्लाइंग फॉक्स के जरिए यह शहरों तक पहुंचा होगा. इस बीमारी में शरीर में नसों से खून बाहर आना शुरु हो जाता है, जिससे अंदरूनी रक्तस्त्राव प्रारंभ हो जाता है. यह एक अत्यंत घातक रोग है.

Ebola Virus
Ebola Virus

हंटा वायरस

इस वायरस का नाम उस नदी पर रखा गया है जहां माना जाता है कि सबसे पहले अमेरिकी सैनिक 1950 के कोरियाई युद्ध के दौरान इसकी चपेट में आए थे. इस वायरस के लक्षणों में फेफड़ों के रोग, बुखार और गुर्दा खराब होना शामिल हैं.

Hanta Virus
Hanta Virus

बर्ड फ्लू

इसमें मृत्यु दर 70 फीसदी है. लेकिन वास्तव में एच5एन1 नस्ल के वायरस के चपेट में आने का जोखिम बेहद कम होता है. आप सिर्फ तभी इस वायरस के चपेट में आते हैं जब आपका संपर्क सीधे पोल्ट्री से होता है. यही वजह है कि एशिया में ज्यादातर मामले सामने आते हैं.

Bird Flu Virus
Bird Flu Virus

लस्सा वायरस

इससे संक्रमित होने वाली पहली शख्स नाइजीरिया में एक नर्स थी. यह वायरस चूहों और गिलहरियों से फैलता है. यह वायरस एक विशिष्ट क्षेत्न में होता है, जैसे पश्चिमी अफ्रीका. इसकी कभी भी पुनरावृत्ति हो सकती है. वैज्ञानिकों का मानना है कि पश्चिम अफ्रीका में 15 फीसदी जानवर इस वायरस को ढोते हैं.

Lassa Virus
Lassa Virus

जुनिन वायरस

रक्तस्रावी बुखार से जुड़ा है. वायरस से संक्रमित लोग ऊतक में सूजन, सेप्सिस और त्वचा से खून आने का शिकार होते हैं. समस्या ये है कि इसके लक्षण इतने आम हैं कि बीमारी के बारे में पहली बार में कम ही पता लग पाता है.

Junin Virus
Junin Virus

क्रीमियन कांगो वायरस

यह खटमल जैसे जीवों से फैलता है. यह वायरस इबोला और मारबुर्ग जैसे वायरस की ही तरह विकास करता है. संक्र मण के पहले कुछ दिनों में मरीज के चेहरे, मुंह और ग्रसनी से रक्तस्राव होता है.

Crimean-Congo Virus
Crimean-Congo Virus

मचुपो वायरस

इसे ब्लैक टाइफस के नाम से भी जाना जाता है. संक्र मण के कारण तेज बुखार और भारी रक्तस्राव होता है. यह जुनिन वायरस की तरह विकास करता है. यह वायरस इंसानों से इंसानों में फैलता है.

Machupo Virus
Machupo Virus

स्यास्नूर फॉरेस्ट वायरस

वैज्ञानिकों ने 1955 में भारत के पश्चिमी तट में स्यास्नूर फॉरेस्ट वायरस (केएफडी) वायरस की खोज की थी. यह वायरस भी जीवों से फैलता है. लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि यह निर्धारित कर पाना मुश्किल है कि यह किस खास जीव से फैलता है. इस वायरस के शिकार मरीजों में तेज बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द होता है. इससे रक्तस्राव भी होता है.

डेंगू वायरस

डेंगू बुखार मच्छरों से फैलता है. इस बुखार से हर साल 5 करोड़ से लेकर 10 करोड़ लोग बीमार पड़ते हैं. भारत और थाइलैंड जैसे देशों में डेंगू का खतरा काफी बड़ा है.

डेंगू वायरस
डेंगू वायरस

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *