सिर्फ श्रृंगार के लिए नहीं है बिछिया, पहनने के है कई साइंटिफिक फायदे

benefits of wearing toe ring

What Are The Benefits Of Wearing Toe Ring

benefits of wearing toe ring

अगर हम बात करे भारत की तो यहां महिलाओं का श्रृंगार अलग ही होता हैं. यहां महिलाएं अपने माथे पर बिंदी लगाती है तो पैरो में बिछियां पहनती हैं. लेकिन इस श्रृंगार में पहने जाने वाली हर एक चीज का एक खास महत्व होता हैं. यह गहना सिर्फ साज-श्रृंगार की वस्तु नहीं है. बिछिया के पांरपरिक गुण होने के साथ साथ कुछ वैज्ञानिक फायदें भी होते हैं. आज हम आपको इस श्रृंगार में प्रयोग कि जाने वाली बिछिया के बारे में बातने जा रहे है कि आखिर इसे पहनने के पीछे किस तरह के वैज्ञानिक तर्क है.

Toe Rings

प्रेगनेंसी में सहायक : बिछिया को पहने के पीछे का मुख्य संबंध यही माना जाता है कि इसका संबंध गर्भाशय से होता हैं. ज्यादातर वैज्ञानिक यही मानते हैं, कि पैरों की उस उंगली में इसे पहनते है जिसकी नस हमारे गर्भाशय से जुड़ी होती है और कही ना कही यही नस हमारे गर्भाशय को भी नियंत्रित करती है. इतना ही नहीं ये हमारे ब्लडप्रेशर को भी सुचारु रुप से चलाती हैं, जिससे हमारा स्वास्थ भी अच्छा रहता हैं.

बिछिया पहनने से महिलाओं को गर्भ धारण में आसानी होती है. चांदी एक गुड कंडक्टर धातु है, अत: ये धरती से सभी प्रकार की ध्रुवीय ऊर्जा को खीच कर हमारे पूरे शरीर में पहुंचाती हैं जिसके कारण अक्सर महिलाएं ताजगी का अनुभव करती है. तनावग्रस्त जीवनशैली के कारण अधिकांश महिलाओं का मासिक-चक्र अनियमित हो जाता है.  अगर बात करें शास्त्रों की तो उसके अनुसार अगर महिलाएं दोनों पैरों की उंगलीयों में बिछिया पहनती है तो उनका मासिक चक्र सही तरह से काम करता हैं और अगर मासिक चक्र सही से काम करेगा तो उन्हे गर्भ धारण में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होगी. लेकिन इसके लिए उन्हे चांदी की ही बिछिया पहनी होगी.

प्रेगनेंसी में बिछिया पहनने के फायदे

 

नकारात्मक से दूर रखती है : ऐसा माना जाता है कि एक बिछिया स्त्री के भीतर ऊर्जा को उत्पन्न करती है. पायल की तरह ही चांदी की बिछिया में भी इच्छा शक्ति उजागर करने की शक्ति होती है जो पहनने वाली स्त्री को हर प्रकार के नकारात्मक प्रभाव से दूर रखती है.

तनाव को कम करती है : साइटिक नर्व की एक नस को बिछिया दबाती है जिस वजह से आस-पास की दूसरी नसों में रक्त का प्रवाह तेज होता है और यूटेरस, ब्लैडर व आंतों तक रक्त का प्रवाह ठीक होता है. यूटेरस तक सही मात्रा में रक्त पहुंचता रहता है. यह बिछिया अपने प्रभाव से धीरे-धीरे महिलाओं के तनाव को कम करती है.

ब्लडप्रेशर कंट्रोल रहता है : विज्ञान की माने तो पैरों के अंगूठे की तरफ से दूसरी अंगुली में एक विशेष  नस होती है जो गर्भाशय से जुड़ी होती है. यह गर्भाशय को नियंत्रित करती है. रक्तचाप को संतुलित कर इसे स्वस्थ रखती है. बिछिया के दबाव से रक्तचाप नियमित और नियंत्रित रहता है. इस कारण उनका मासिक-चक्र नियमित हो जाता है. इसका दूसरा फायदा यह है कि बिछिया महिलाओं के प्रजनन अंग को भी स्वस्थ रखने में भी मदद करती है.

ब्लडप्रेशर कंट्रोल रहता है

नाड़िया और पेशियां बैलेंस रखती है : बिछिया एक्यूप्रेशर का भी काम करती है. जिससे तलवे से लेकर नाभि तक की सभी नाड़िया और पेशियां व्यवस्थित होती हैं.

थाइराइड की संभावना कम होती है : दोनों पैरों में बिछिया पहनने से महिलाओं का हार्मोनल सिस्टम सही रूप से कार्य करता है, बिछिया पहनने से थाइराइड की संभावना कम हो जाती है. बिछिया एक्यूप्रेशर उपचार पद्धति पर कार्य करती है जिससे शरीर के निचले अंगों के तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियां सबल रहती हैं.

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