समस्याओं से ग्रस्त है भारत के ग्रामीण इलाके

Problems in rural India
Problems in rural India
Problems in rural India

भारत की 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है. अत: ग्रामीण क्षेत्रों की हालत ही हमारे देश का वास्तविक प्रतिबिम्ब है. भारत की तस्वीर बिना गांवों के नहीं बनती है. लेकिन महानगर और शहरों में रहने वाली ज्यादातर आबादी को ग्रामीण भारत की समस्याएं पता ही नहीं होती है. इसीलिए इन समस्याओं के बारे में जान लेना जरूरी हो जाता है.

हमारी आर्थिक प्रगति की दर 8 प्रतिशत के आसपास रही है, पर इसका पूरा लाभ गांवों को नहीं मिला है. इसके अलावा ग्रामीण भारत में बेरोजगारी, भुखमरी, महिलाओं पर होने वाले अत्याचार, जमीन के झगड़े, कम उत्पादन व उत्पादकता, सिंचाई की कमी, शिक्षा का अभाव आदि समस्याएं परेशानी का सबब बनी हुई है.

गरीबी

हमारे गांवों में सबसे बड़ी समस्या गरीबी की है. छोटे किसान हमेशा कर्जदार रहते हैं.  वे बड़े किसानों पर निर्भर रहते हैं. आखिरकार, बडे जमींदार छोटे किसानों की जमीनों को हड़प कर जाते हैं. आबादी में वृद्धि के कारण जमीन का बटवारा भी होता जा रहा है. इसके चलते दिनों दिन हालात बदतर होते जा रहे हैं.

poverty in india
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रोजगार का अभाव

जो लोग गांवों में रह कर खून पसीना एक करते हैं उन पर प्रकृति की विपदायें अपना हुकुम चलाती है. बाढ़, सूखा, तूफानी हवायें, मृदा की नपुंसकता, पानी का अभाव इत्यादि कुछ ऐसी परेशानियां हैं जिन पर मानव का कोई बस नहीं है. ग्रामीण भारत में इन्हीं समस्याओं के चलते परेशानी बढ़ रही है. ग्रामीण इलाकों में रोजगार का अभाव होने से ग्रामीण युवाओं को चिंता में देखा जा सकता है.

unemployment in India
unemployment in India

सूखा और बाढ़

वर्ष 2002 में पिछले 100 वर्षों का भीषणतम सूखा पड़ा था. भारत के 13 राज्य इस सूखे की चपेट में थे. वर्ष 2003 में इन्द्र देवता की कुछ ज्यादा ही कृपा रही. असम, बिहार, उड़ीसा तथा बंगाल जलमग्न हो गए.  गरीब ग्रामीण किसानों ने इन वर्षों मे काफी कष्ट उठाये. अमुमन हर साल ग्रामीण इलाकों में रहने वालों को सूखा और बाढ़ की समस्या का सामना करना ही पड़ता है.

flood drought
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शिक्षा

अगली विकट समस्या है शिक्षा की. भारत में नारी साक्षरता प्रतिशत मात्र 65.46 प्रतिशत है.  जाहिर है कि यह राष्ट्रीय औसत है और गांवों में तो शिक्षा की हालत और भी खराब है. यहां महिलाओं के साथ ही पुरुष भी अशिक्षित ही रह जाते हैं. अत: वे गरीबी के कुचक्र को इसलिए नहीं तोड़ पाते, क्योंकि वे शिक्षा के द्वारा आगे बढ़ने के सभी मौके खो देते हैं. उनके बच्चे भी शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते यह सत्य है कि बच्चों को स्कूलों में नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है. लेकिन उस शिक्षा का अर्थ ही क्या जिसको प्राप्त करके एक ग्रामीण कुछ कार्य ही न कर सके.

education problem in rural areas
education problem in rural areas

स्वास्थ्य सुविधाएं

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं की भी कमी है. हम यह नहीं कहेंगे कि इस संदर्भ में मूलभूत सुविधायें नहीं हैं. प्राइमरी हेल्थ सेंटर तो देश के प्रत्येक जिले में है. परंतु उनमें दी जाने वाली दवाइयां और डॉक्टरी परामर्श को देखते हुए यह कहना होगा कि गांवों के मरीज तो मध्यकालीन युग में ही जी रहे है. इसका कारण भी साफ है-ग्रामीण अपनी चिकित्सा पर अधिक खर्च नहीं कर सकते. सरकार खर्च तो करती है परंतु उसकी भी सीमायें हैं क्योंकि अन्य मदों पर भी तो खर्च करना है. यहीं कारण है कि गांवों में झोलाछाप डॉक्टरों और दाइयों का धंधा खूब पनपता है.

health problems in rural India
health problems in rural India

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