Howrah Bridge
Howrah Bridge

वैसे तो इस दुनिया में ऐसे कई पुल हैं जो अपनी एक अलग पहचान रखते हैं. ऐसा ही एक पुल भारत में भी है जो न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. इस पुल की सबसे खास और हैरान कर देने वाली बात यह है कि इस पुल का आज तक उद्घाटन तक नहीं हुआ है और फिर भी यह पूरे विश्व में फेमस है.

जी हां, हम बात कर रहे कोलकाता की पहचान हावड़ा ब्रिज की. दरअसल, ये ऐतिहासिक ब्रिज द्वितीय विश्व युद्ध का गवाह भी रह चुका है और इस पुल को बने हुए करीबन 76 साल हो चुके हैं. बता दें, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान दिसंबर 1942 में जापान का एक बम इस ब्रिज से कुछ दूरी पर ही गिरा था, लेकिन यह ब्रिज तब भी ज्यों का त्यों ही खड़ा रहा, जैसे आज है.

हावड़ा ब्रिज
हावड़ा ब्रिज

लेकिन जो हैरानी वाली बात है वह ये है कि पूरी दुनिया में मशहूर और सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहे इस पुल का आज तक औपचारिक उद्घाटन तक नहीं हुआ इसकी वजह यही थी कि, उस समय द्वितीय विश्वयुद्ध जोरों से चल रहा था.

साल 1936 में हावड़ा ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हुआ और 1942 में यह पूरा हो गया. उसके बाद 3 फरवरी, 1943 को इसे जनता के लिए खोल दिया गया. उस समय यह पुल दुनिया में अपनी तरह का तीसरा सबसे लंबा ब्रिज था. बता दें, इस कैंटरलीवर को बनाने में 26 हजार 500 टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है. इसमें से 23 हजार पांच सौ टन स्टील की सप्लाई टाटा स्टील ने की थी और पूरा ब्रिज सिर्फ नदी के दोनों किनारों पर बने 280 फीट ऊंचे जो पायों पर टिका है. इसके दोनों पायों के बीच की दूरी डेढ़ हजार फीट है व नदी में कहीं कोई पाया नहीं है. वहीं, साल 1965 में कविगुरु रबींद्र नाथ के नाम पर इसका नाम रवींद्र सेतु रखा गया.

Facts Of Howra Bridge
Facts Of Howra Bridge

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