निपाह: देश में तेजी से फैल रहे इस वायरस का शिकार होने से ऐसे बचें

Nipah virus
Nipah virus

निपाह वायरस, एक ऐसा नाम है, जिसने इन दिनों देशभर में दहशत फैला रखी है. यह वायरस भारत में बड़ी तेजी से पांव पसार रहा है. केरल से शुरू होने के बाद अब कर्नाटक, तेलंगाना में भी इसके कुछ मामले सामने आ चुके हैं. इतना ही नहीं केरल में इस खतरनाक वायरस से अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि करीब 200 संदिग्ध मरीजों का इलाज चल रहा है. इलाज करते हुए चपेट में आए 5 चिकित्साकर्मियों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेजा गया है. केरल के कुछ जिलों में इसकी चपेट में आने के बाद यहां आने वाले पयर्टकों में भी इसको लेकर डर व्याप्त है. इसका असर साफतौर पर यहां ट्यूरिज्म इंडस्ट्री पर भी पड़ता हुआ दिख रहा है.

इन राज्यों में भी जारी हुआ हाईअलर्ट

केरल, कर्नाटक, तेलंगाना में निपाह के मामले सामने आने के बाद बिहार, हरियाणा और सिक्किम में भी इस खतरनाक वायरस को लेकर हाईअलर्ट जारी किया गया है. इसके साथ ही लोगों को इसके प्रति जागरुक करने के अलावा अस्पतालों, होटलों आदि जगहों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. जिन राज्यों में इस वायरस का प्रकोप फैला हुआ है वहां से आने वाले लोगों पर निगाह रखी जा रही है. इसको लेकर राज्य सरकारों ने अपने यहां पर एडवाइजरी भी जारी की है. केरल सरकार ने पयर्टकों को कोझिकोड, मलप्पुरम, वायनाड और कन्नूर जिलों की यात्रा न करने की सलाह दी है. एडवाइजरी के अनुसार फिलहाल इन जगहों पर निपाह वायरस फैलने का खतरा सबसे ज्यादा बना हुआ है.

ऐसे रोका जा सकता है वायरस को

विशेषज्ञों के मुताबिक यदि बायोसिक्योरिटी को सख्त कर दिया जाए, तो वायरस को आने से रोका जा सकता है. बायोसिक्योरिटी का मतलब बायोलॉजिकल मटीरियल को फैलने से रोकना होता है. निपाह वायरस भी बायोलॉजिकल मटीरियल में आता है. यदि प्रभावित क्षेत्र के लोग बाहर न जाएं या बाहर के लोग प्रभावित क्षेत्र में न जाए, प्रभावित क्षेत्र किसी भी चीज को फिर चाहे वह फल, सब्जियां व अन्य तरह के खाद्य पदार्थ को दूसरी जगहों पर जाने से रोक दिया जाए तो वायरस को फैलने से रोका जा सकता है. यह वायरस किसी भी चीज के जरिए मूवमेंट कर सकता है. फिलहाल लोग प्रभावित राज्य या जगह के आसपास में यात्रा करने से बचना चाहिए. गर्मियों के दिनों में बहुत से लोग छुट्टियां
बिताने के लिए दक्षिण भारत व समुद्री तटों की यात्रा पर जाते हैं. इसके अलावा प्रभावित राज्यों से आने वाले फलों के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि खजूर व नारियल के पेड़ के पास चमगादड़ का आना-जाना रहता है. ऐसे में कटे-फटे खजूर खाने से भी बचना चाहिए.

निपाह वायरस के लक्षण
निपाह वायरस से संक्रमित मनुष्य को आमतौर पर बुखार, सिरदर्द, उनींदापन, मानसिक भ्रम, कोमा, विचलन होता है. निपाह वायरस से प्रभावित लोगों को सांस लेने की दिक्कत होती है और साथ में जलन महसूस होती है. वक्त पर इलाज नहीं मिलने पर मौत भी हो सकती है. इंसानों में निपाह वायरस एन्सेफलाइटिस से जुड़ा हुआ है, जिसकी वजह से ब्रेन में सूजन आ जाती है. डॉक्टरों के मुताबिक कुछ मामलों में 24-28 घंटे के अंदर लक्षण बढ़ने पर मरीज कोमा में भी चला जाता है.

Nipah virus symptoms
Nipah virus symptoms

निपाह से बचने के उपाय

  • फलों को पानी से धोने के बाद ही खाएं.
  • पेड़ से गिरे फलों को खाने से परहेज करें.
  • बाजार में कटे और खुले फल खाने से बचें.
  • चमगादड़ की लार या पेशाब के संपर्क में न आएं.
  • संक्रमित सुअर और इंसानों के संपर्क में न आएं.
  • प्रभावित इलाकों में जाने से परहेज करें.
  • चमगादड़ों की आवाजाही वाले इलाकों में न जाएं.
  • संक्रमित पशु खासकर सुअर के संपर्क में न आएं.
  • व्यक्ति और पशुओं के पीने के पानी की टंकियों सहित बर्तनों को ढककर रखें.
  • निपाह वायरस के लक्षण पाए जाने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.

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