आपको पता है, गजानन का सिर कटकर कहां गया ?

Ganesh Ji Head
Where Is Loard Ganesh Head
Where Is Loard Ganesh Head

प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश को गजानन भी कहते हैं. आपने भी वेदों, पुराणों और कथाओं में पढ़ा-सुना होगा कि भगवान श्रीगणेश के मानव शरीर में हाथी का सिर लगा है. सिर कटने के बारे में भी अलग-अलग कथाएं हैं, लेकिन क्या आपने सोचा है, कथाओं के अनुसार सिर कटने के बाद कहां चला गया? अगर नहीं, तो हम आपको इस रोचक कथा से अवगत कराते हैं.

Cave where kept real head of god Ganesh
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पहली कथा: शिव ने काटा सिर

शिवपुराण के अनुसार, एक बार माता पार्वती नहाने जा रही थीं, उससे पहले उन्होंने अपने उबटन से मानव आकृति बनाई. उन्होंने इस आकृति को जीवन भी प्रदान कर दिया. माता पार्वती ने उसे आदेश दिया कि मैं नहाने जा रही हूं, तुम द्वार पर खड़े हो जाओ. किसी को भी अंदर मत आने देना.  इसी दौरान भगवान शिव, माता पार्वती से मिलने अंदर जाने लगे, तो द्वार पर खड़े गणेश ने उन्हें रोक दिया. इससे महादेव नाराज हो गए. क्रोधित होकर भगवान शिव ने त्रिशूल से गणेश का सिर काट दिया. जब माता बाहर आर्इं और उन्होंने यह सब देखा, तो वो बेहद दु:खी हुर्इं. उन्होंने भगवान से सिर वापस लाने के लिए कहा. तब जाकर भगवान ने हाथी के बच्चे का सिर श्रीगणेश को लगा दिया.

शिव ने काटा सिर
शिव ने काटा सिर

दूसरी कथा:  शनि का दृष्टिपात

अन्य कथा के अनुसार जब माता पार्वती ने भगवान गणेश को जन्म दिया, तो उनके दर्शन के लिए सभी देवी-देवता पंहुचे. उनके साथ शनिदेव भी पंहुचे. दरअसल, भगवान शनिदेव को उनकी पत्नी श्राप दे रखा था, जिस पर भी उनकी नजर पड़ेगी, उसे हानि पंहुचेगी. इसलिए भगवान शनिदेव भी दृष्टि टेढ़ी रखते हैं, ताकि किसी का अहित न हो, लेकिन माता पार्वती को भगवान शनि का इस तरह देखना अच्छा नहीं लगा. उन्होंने उनसे कहा, आप गणेश की उत्पत्ति से खुश नहीं हैं, जो ऐसे नजरें चुरा रहे हैं. दबाव डालने पर शनिदेव को मजबूरन अपनी दृष्टि नवजात शिशु यानि श्रीगणेश पर डालनी पड़ी, जैसे ही बालक गणेश पर नजर पड़ी, उनका मुख धड़ से अलग हो गया. वह आकाश में स्थित चंद्रमंडल में पंहुच गया. इस कृत्य से घर में हाहाकार मच गया, माता पार्वती बेसुध हो गईं. स्थिति को समाधान निकला गया, जिसका भी मुख पहले मिले, वही लगा दें, तो बालक जीवित हो जाएगा, तभी भगवान शिव ने हाथी का मुख भगवान गणेश को लगा दिया. माना जाता है, भगवान गणेश का असली मुख आज भी चंद्रमंडल में विद्यमान है. इसी कारण संकट चतुर्थी पर चंद्रमा के दर्शन किए जाते हैं.

Ganesh Ji Head
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कहां गिरा सिर

गणेश का मानव सिर धड़ से अलग होकर कैलाश पर्वत से दूर उत्तराखंड में एक गुफा में गिरा. यह गुफा पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट से 14 किलोमीटर दूर स्थित है. इसे पाताल भुवनेश्वर गुफा कहते हैं. कहा जाता है कि त्रेतायुग में इस गुफा को सूर्यवंश के राजा रितुपर्णा ने खोजा था. वहीं द्वापर युग में पांडवों ने इस गुफा की खोजा की थी. यहीं से गणेशजी की आज्ञा के बाद वे राजपाट छोड़कर स्वर्ग गए थे. इसके बाद कलयुग में आदिशंकराचार्यजी ने इस गुफा को खोजा था.

Cave where kept real head of god Ganesh
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ये है मान्यता

मान्यता के अनुसार गुफा में गणेश का कटा हुआ सिर है, जिसकी रक्षा भगवान शिव करते हैं. यहां आने से मन्नत पूरी होती है. बताया जाता है, गुफा बहुत गहरी है. इसके अंदर कोई नहीं जा पाता. दर्शन के लिए गुफा का ऊपरी हिस्सा खुला है. ये भी माना जाता है, गुफा कैलाश पर्वत तक जाती है. कुछ लोगों का कहना है, यह गुफा पाताल लोक तक जाती है, लेकिन असली सच आज भी रहस्य बना हुआ है.

Lord Ganesh Head Pooja
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