फेक न्यूज से निपटने गूगल ने कसी कमर

google on fake news

300 मिलियन डॉलर का करने जा रहा निवेश

जैसे -जैसे इंटरनेट के माध्यम से दुनियाभर की जानकारी एक क्लिक पर मिलने लगी है, इन दिनों वैसे ही फेक न्यूज(झूठी खबर) एक गंभीर विषय बनता जा रहा हैे. आज इंटरनेट यूजर्स की बात करें तो ज्यादातर यूजर्स हमें फेसबुक और गूगल जैसी सोशल मीडिया वेबसाइट्स पर ही नजर आती है. साथ ही गूगल तथा फेसबुक जैसी सोशल मीडिया कंपनियो पर फेक न्यूज को बढ़ावा देने के आरोप भी लगातार लगते रहे हैे. हालांकि अब गूगल फेक न्यूज से लड़ने के लिए एक सकारात्मक कदम उठाते हुए 300 मिलियन डॉलर निवेश करने जा रहा है. इस निवेश के जरिए पत्रकारिता की गुणवत्ता को और मजबूत बनाया जाएगा. साथ ही नई तकनीक के माध्यम से समाचार संगठनो को और सशक्त बनाने पर जोर दिया जाएगा.

टूटने नहीं देना चाहते भरोसा 

गूगल ने अपने इस फैसले की जानकारी अपने ब्लॉग पर साझा करते हुए लिखा है कि लोग जब गूगल पर सर्च करते है और भरोसा करते है कि वह जानकारी सही होगीे यह जानकारी दुनियाभर के पत्रकारों और समाचार संगठनों की रिपोर्टिंग से आती है. पत्रकारिता की गुणवत्ता की मांग इतनी ज्यादा है, जितनी शायद पहले शायद ही कभी रही होे. गूगल ये निवेश इसलिए भी करने जा रहा है क्योंकि वो मानता है कि इंटरनेट यूजर गूगल पर भरोसा रखते हुए जानकारी लेने की कोशिश करता है. ऐसे में फेक न्यूज से उनका भरोसा टूटने का डर सताने लगा है.

चुनौती के लिए तैयार 

गूगल की ये पहल आज के दौर में तेजी से बढ़ रहे इंटरनेट यूजर्स द्वारा सकारात्मक माना जा रहा हैं. गूगल की माने तो यह फैसला उनके लिए भी बेहद खास है. इतना खास कि ये स्थायी राजस्व और व्यवसायों को चलाने में सहायक साबित हो इसलिए निवेश के माध्यम से इसके बेहतरी की कोशिश आरंभ की जा रही है. आज पत्रकारिता के लिए व्यापार मॉडल काफी तेजी से बदल रहे हैं. प्रौद्योगिकी का तेजी से विकास सभी उद्योगों को चुनौती दे रहा है, जिसमें समाचार उद्योग प्रमुखता से शामिल हैे. लेकिन गूगल इसी चुनौती के सफर में न्यूज एजेंसियों और मीडिया फर्म का सहायक बनाना चाहता है.

काम न आई निजी कोशिशें

गूगल ने फेक न्यूज से जुड़ी जानकारियों को लेकर कहता है कि उसने इसके लिए अपना बहुत सारा समय और ऊर्जा का निवेश किया. लेकिन कड़वा सच यह है कि यह सब पर्याप्त नहीं हैे. यह पता लगाना और ज्यादा मुश्किल होता जा रहा है कि क्या सच है और क्या झूठ? गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में दुनियाभर में झूठी खबरों की एक बाढ़ सी आ गई हैे. झूठी खबर इंटरनेट के माध्यम से इतनी तेजी से फैलती है कि उनका काउंटर हो पाना बेहद मुश्किल हो जाता हैे. गूगल,व्हाट्सएप्प,फेसबुक तथा अन्य सोशल प्लेटफार्म इसके लिए माध्यम बनते जा रहे है. हाल के दिनों में यूएन ने भी फेसबुक को म्यांमार में हिंसा तथा अफवाह फैलाने का जिम्मेदार माना था. ऐसे में गूगल द्वारा की गई निजी स्तर की कोशिश विफल साबित होने के बाद ये नई पहल अब कितनी रंग लाएगी ये देखना होगा.

लांच किया नया प्रोग्राम 

गूगल ने एक नया प्रोग्राम ‘सब्सक्राइब विद गूगल’ लॉन्च किया है. इसके तहत यूजर्स के लिए आॅनलाइन न्यूज साइट को सब्सक्राइब करना आसान होगा. यूजर्स इन न्यूज वेबसाइट्स को इन न्यूज पेज से ही सब्सक्राइब कर पाएंगे, इसके लिए उन्हें आॅप्शन भी दिया जाएगा. फिलहाल सब्सक्राइब का आॅप्शन वॉशिंगटन पोस्ट, न्यूयॉर्क टाइम्स और यूएसए सहित कुछ और भी न्यूज वेबसाइट के साथ दिया जाएगा. हालांकि आने वाले समय में कंपनी इसे दूसरे पब्लिशर्स के लिए भी जारी कर सकती है.

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