फांसी देने से पहले कैदी के कान में ये कहता है जल्लाद

अक्सर आपने कई फिल्मों में देखा होगा कि जल्लाद कैदी को फांसी देने से पहले उसके कान में कुछ कहता है. फिर उसके सिर पर काला चोगा ढ़ककर उसे फांसी का फंदा पहनाता है. जिसके बाद ही अपराधी को फांसी दी जाती है. लेकिन क्या आप जानते है जल्लाद फांसी पर लटकाने से पहले कैदी के कान में क्या कहता है ?

दरअसल जल्लाद फांसी देने से पहले कैदी के कान में बोलता है कि मुझे माफ कर दो. इसके बाद अगर कैदी हिंदू हो तो जल्लाद उसे राम-राम बोलता है और अगर मुस्लिम हो तो सलाम. साथ ही जल्लाद कहता है हम क्या कर सकते हैं हम तो है हुकुम के गुलाम. मैं आपके सत्य के राह पे चलने की कामना करता हूं. इतना बोलकर जल्लाद फांसी का फंदा खींच देता है और कैदी इस दुनिया से मुक्त हो जाता है. इसके थोड़ी देर बाद में मेडिकल टीम उस शव का मुआयना कर लेती है. इस तरह ये बात कहकर जल्लाद अपने आप को अपराध बोध से बचाने का काम करता है.

फांसी देने से पहले कैदी के कान में ये कहता है जल्लाद 1बता दें,

कैदी को फांसी देते वक्त वहां पर जेल अधीक्षक, एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट, जल्लाद और डॉक्टर मौजूद रहते हैं क्योंकि  इनके बिना भारत में किसी को भी फांसी नहीं दी जा सकती. वैसे इस दौरान सबसे कठिन काम जल्लाद का होता है और इस वक्त भारत में फांसी देने के लिए केवल दो ही जल्लाद हैं जिन्हें सरकार की तरफ से 3000 रुपये महीना मिलता है. लेकिन आतंकवादियों को फांसी देने पर इन्हें ज्यादा पैसे दिए जाते हैं. वहीं, इंदिरा गांधी के हत्यारों को फांसी देने वाले जल्लाद को 25000 रुपये दिए गए थे. वैसे, यही कारण है कि आजकल सरकार को इस पद पर बहुत ही कम आदमी मिल पाते हैं.

फांसी देने से पहले कैदी के कान में जल्लाद यह अजीब सी बात बोलता है

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