Welcome To Mawlynnong

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का मानना था कि साफ-सफाई, ईश्वर भक्ति के बराबर है और इसलिए उन्होंने लोगों को स्वच्छता बनाए रखने संबंधी शिक्षा देते हुए कहा था कि भारत के सभी नागरिकों को एकसाथ मिलकर देश को स्वच्छ बनाने के लिए कार्य करना चाहिए. वहीं, 2 अक्‍टूबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने महात्‍मा गांधी के स्‍वच्‍छ भारत के स्‍वप्‍न को पूरा करने के लिए स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया और इसके सफल कार्यान्वयन हेतु भारत के सभी नागरिकों से इस अभियान से जुड़ने की अपील भी की.Asia Cleanest City

ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे छोटे से गांव के बारें में बताएंगे जिसे एशिया का सबसे साफ़ सुथरा गाँव होने का सम्मान मिला है. जी हां, हम बात कर रहे है मावल्यान्नॉंग गांव कि जो भारत के मेघालय में मौजूद है. ये गांव सफाई के साथ-साथ  शिक्षा में भी अव्वल है यानि साक्षरता दर 100% है. सिर्फ इतना ही इस गांव में ज्यादातर लोग सिर्फ़ अंग्रेजी भाषा में ही बात करते हैं.

Mawlynnong Village
Mawlynnong Village

ये गांव देखने में इतना खूबसूरत है कि इसे भगवान के बगीचे के नाम से भी जाना जाता है.खासी हिल्स डिस्ट्रिक्ट का यह गांव मेघालय के शिलॉंन्ग और भारत-बांग्लादेश बॉर्डर से 90 किलोमीटर दूरी पर स्थित है. यहां के अधिकांश ग्रामीण लोगों का मुख्‍य कार्य और आय का प्रमुख स्रोत सुपारी की खेती है. इसके अलावा, यहां के स्थानीय लोग समुदाय के कल्‍याण के कार्य करने में भी रूचि रखते हैं. इस गांव की सबसे बड़ी खासियत यह है की यहां की सारी सफाई ग्रामवासी फिर चाहे वो औरत हो या पुरुष बच्चे हो या बड़े स्वयं करते है, सफाई व्यवस्था के लिए वो किसी भी तरह प्रशासन पर आश्रित नहीं है.CLEAN CITY IN INDIA Mawlynnong

साल 2007 के बाद से यहां हर घर में शौचालय है और हर घर के बाहर कूड़े के लिए बांस से बना कूड़ेदान है जहां पर लोग घर से निकलने वाले कूड़े-कचरे को जमा करते है. वैसे, यहां के लोग स्‍वयं अपने घरों में ही नहीं बल्कि सड़कों पर भी सफाई रखते हैं.

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