क्या सभी वायरस इतने बूरे नहीं होते हैं?

Types Of Virus
Types Of Virus

वायरस के बारे में सुनते ही हमें कई बार ऐसी बीमारियों की कल्पना होने लगती है, जो अक्सर जानलेवा साबित होती है. इन दिनों निपाह से हुई मौतों के चलते फिर एक बार वायरस चर्चा का विषय बन गया है. लेकिन मेडिकल साइंस कहता है कि सभी वायरस इतने बूरे नहीं होते है. कई सारे वायरस ऐसे भी होते है जिनका मनुष्य को उल्टा फायदा ही होता है. आइए जानते है आखिर वायरस होते क्या है? और ये मनुष्य को कैसे नुकसान पहुंचाते है…

वायरस याने क्या?

वायरस को विषाणु भी कहते है. डॉक्टर एडवर्ड जेनर ने 1793 में पता लगाया कि चेचक्का रोग विषाणु के कारण होता है. उन्होंने ने ही चेचक के टीके का आविष्कार भी किया था. वायरस सबसे सूक्ष्म रोगाणु होता हैं. वायरस के चारों और प्रोटीन की एक परत जमी हुई होती हैं. इसके भीतर आरएनए और डीएनए की संरचना होती हैं. वायरस जीवित, सामान्य कोशिकाओं पर आक्रमण करते हैं और उन कोशिकाओं से वंश वृद्धि कर के अपने जैसे नए वायरस पैदा करते रहते है.

ऐसे पहुंचाता है नुकसान

वायरस व्यक्ति के शरीर के अंदर जाकर कोशिकाओं (सेल) को नुकसान पहुंचाते है या उनकी डीएनए संरचना को बदल देते है. जिस कारण व्यक्ति रोगी हो जाता है. ये शरीर के कुछ खास हिस्से. जैसे फेफड़े. श्वसन तंत्र और रक्त में आक्रमण करते है और उनमे इंफेक्शन भी करते है.

Ebola Virusक्या वायरस जिंदा होता है?

रोगाणु (वायरस) सैंकड़ो वर्षो तक निष्क्रियता (डेड) अवस्था में रह सकते है.  हर किस्म के वायरस शरीर के बाहर मृत होते है लेकिन जैसे ही ये किसी जीव या मनुष्य के शरीर के भीतर प्रवेश करते है. इनमें जीवन आ जाता है. ये फिर से जीवित हो जाते है. वायरस को वंश वृद्धि (मल्टीप्लिकेशन) के लिए किसी संजीव माध्यम की आवश्यकता होती है. चाहे वो कोई जानवर हो. पौधा या मनुष्य.

क्या सभी वायरस हानिकारक होते है?

वायरस लाभदायक और हानिकारक दोनों प्रकार के होते है. कई वायरस जीवाणुओं को खाते है या उनको नष्ट कर देते है. इस प्रकार के विषाणु आपके बॉडी को हैजा, टाइफाइड, लूज मोशन आदि रोग उत्पन करने वाले रोगाणुओं को नष्ट कर देते है और आपको स्वस्थ रखने में मदद करते है. कई वायरस पोधों,  मनुष्य तथा जानवरों में रोग उत्पन करते है, ये अक्सर हानिकारक होते है.  वायरल फीवर, एचआईवी, इन्फ्लुएंजा, पोलियो, पीलिया, जुकाम, एबोला आदि रोग हार्मफुल वायरस के कारण होते है. हर रोग का अलग वायरस होता है.

Nipha Virus
Nipha Virus

ऐसे प्रवेश करते है शरीर में

वायरस शुक्ष्म रोगाणु होते है. अगर कोई व्यक्ति आपके सामने छींक दे तो स्वास द्वारा आपके भीतर सैंकड़ों वायरस प्रवेश कर जाते है. इसके इलावा दूषित जल पीने, दूषित और बाजार के खाद्य पदार्थ खाने से पेट एनिमल्स द्वारा,पशु पक्षिओं द्वारा , कीट पतंगे आदि वायरस को संचार करने में मददगार साबित होते है. जिस तरह हर एक रोग का अलग-अलग वायरस होता है उसी तरह इनका शरीर में प्रवेश करने का माध्यम भी अलग अलग होता है.How Virus Go Inside Human Body

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