हिंदू धर्म में कैलाश मानसरोवर यात्रा का बेहद खास महत्व है, क्योंकि यहां पर भगवान शिव का वास है. वहीं, हजारों लोग कैलाश के दर्शन करने जाते तो हैं. लेकिन, उन्हें दूर से ही कैलाश पर्वत के चरण छूकर व दर्शन करके लौटना पड़ता है. वैसे, इसमें हैरत करने वाली बात यह है कि आज तक दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को अभी तक लगभग 7000 से भी ज्यादा लोग फतेह कर चुके हैं. परंतु, कैलाश पर्वत जिसकी उंचाई एवरेस्ट से लगभग 2000 मीटर कम यानी 6638 मीटर है. उसपर आज तक कोई भी नहीं चढ़ पाया है. दरअसल, इसके पीछे एक रहस्य है जिसपर आज भी पर्दा बना हुआ है.

KAILASH
KAILASH

बता दें, कैलाश पर्वत को लेकर ऐसी मान्यता है कि जो कैलाश आकर शिव के दर्शन करता है उसके लिए मोक्ष का रास्ता खुल जाता है. वहीं, दूसरी तरफ कैलाश पर्वत पर कभी किसी के नहीं चढ़ पाने के पीछे कई सारी कहानियां प्रचलित हैं जैसे- कैलाश को केवल वहीं फतह कर सकता है जिसने कभी भी कोई पाप न किया. इसके अलावा, यह भी माना जाता है कि कैलाश पर्वत पर थोड़ा सा ऊपर चढ़ते ही व्यक्ति दिशाहीन हो जाता है. जिस वजह से भी आज तक कोई भी इंसान कैलाश पर्वत पर नहीं चढ़ पाया है.

Kailash Mountain
Kailash Mountain

कई पर्वतारोहियों का दावा है कि कैलाश पर्वत पर चढ़ना असंभव है. रूस के एक पर्वतारोही, सरगे सिस्टियाकोव ने बताया कि, ‘जब मैं पर्वत के बिल्कुल पास पहुंच गया तो मेरा दिल तेजी से धड़कने लगा. मैं उस पर्वत के बिल्कुल सामने था, जिस पर आज तक कोई नहीं चढ़ सका. अचानक मुझे बहुत कमजोरी महसूस होने लगी और मन में ये ख्याल आने लगा कि मुझे यहां और नहीं रुकना चाहिए. उसके बाद जैसे-जैसे हम नीचे आते गए, मन हल्का होता गया.’ माना जाता है कि जब कैलाश पर्वत की बर्फ पिघलती है, तो पूरे क्षेत्र में डमरू की आवाज सुनाई देती है. ये भी माना जाता है कि कैलाश पर्वत पर साक्षात शिव मौजूद हैं. वैसे, हिंदू धर्म के अलावा कई दूसरे धर्मों में भी कैलाश पर्वत का खास महत्व बताया गया है.आजतक कोई नहीं चढ़ पाया कैलाश पर्वत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *