सिद्धदात्री पहाड़ावाला मंदिर
सिद्धदात्री पहाड़ावाला मंदिर

भारत देश मंदिरों और आस्था का देश है. यहां पर ऐसे कई मंदिर हैं, जिनके बारें में यह मान्यता है कि सच्चे मन से अगर इन मंदिरों का दर्शन किया जाए, तो सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. वहीं, ज्यादातर मंदिरों में चप्पल, जूता या सैंडल पहनकर अंदर जाने की अनुमति नहीं होती है. कोई इंसान भगवान के दर्शन करने के लिए मंदिर के अंदर जाने से पहले अपने चप्पल और सैंडल बाहर ही उतार कर जाता है. लेकिन, अगर यह कहा जाएं कि मध्यप्रदेश में एक ऐसा मंदिर है जहां जूते और चप्पलों का चढ़ावा चढ़ाया जाता है तो यह ना केवल आपको सुनने में थोड़ा सा अजीब लगेगा बल्कि आप यही कहेंगे ना कि ये कैसे मुमकिन हो सकता है कि किसी मंदिर में जूते और चप्पलों का चढ़ावा चढ़ाया जाए. परंतु, यह बिल्कुल सच है यहां पर पूजा पाठ करने का तरीका बेहद ही अजीबोगरीब है. वहीं, इस मंदिर में प्रसाद की जगह पर माँ दुर्गा के एक स्वरूप को चप्पल चढ़ाई जाती है और वही चप्पल रूपी प्रसाद फिर लोगों में बांटा जाता है.

Temple Where We Have To Donate Shoes Or Slipper
Temple Where We Have To Donate Shoes Or Slipper

बता दें, यह मंदिर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित है और कोलार इलाके में एक छोटी सी पहाड़ी पर बने इस मंदिर को मां दुर्गा का सिद्धिदात्री पहाड़ी वाला मंदिर कहते हैं. वैसे, इस मंदिर को जीजीबाई मंदिर के नाम से भी जाना जाता हैइस मंदिर की खासियत यह है कि जब भी किसी श्रद्धालु की मन्नत पूरी होती है तो वो श्रद्धालु माता को सैंडल या चप्पल की भेंट चढ़ाता है. वहीं, जब इन चप्पलों की संख्या जब बढ़ जाती है तो वहीं प्रसाद के रूप में लोगों के बीच बांटा जाता है. वैसे, इस मंदिर में चप्पल के अलावा लोग टोपी, चश्मा और घड़ी भी चढ़ाते हैं.

सिद्धिदात्री पहाड़ी वाला मंदिर
सिद्धिदात्री पहाड़ी वाला मंदिर

बता दें, इस मंदिर में यह अनोखी परंपरा करीबन 20 सालों से जारी है और इस मंदिर के पीछे की यह कहानी है कि लगभग 18 साल पहले ओम प्रकाश महाराज नाम के एक शख्स ने यहां मूर्ति स्थापना के साथ शिवपार्वती विवाह भी कराया था और इस दौरान उन्होंने अपने हाथों से कन्यादान किया थाबस तब से ही वह माँ सिद्धदात्री को अपनी बेटी मानकर पूजा करते हैं और आम लोगों की तरह ही बेटी की हर इच्छा को पूरी करते हैं. ओमप्रकश के मुताबिक़, यहाँ आने वाले कुछ ऐसे लोग हैं जो देश से बाहर चले गए हैं और जब उनकी मन्नत पूरी होती है तो वह माता के लिए विदेशों से भी चप्पल भेजते है. हो हो पर चप्पलों का चढ़ावा चढ़ने वाला यह मंदिर बेहद ही अनोखा है.

English Name: Siddhidhatri Mata Temple

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *