जब छोटे पर्दे पर रामानंद सागर की रामायण दिखाई जाती थी तो घर के सभी लोग एक साथ इकठ्ठा होकर इसका आनंद लिया करते थे. वैसे तो रामायण की कहानी आप जानते ही होंगें कि राम का जन्म कैसे हुआ, उन्हें वनवास क्यों मिला, मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की पत्नी सीता का हरण किसने किया और फिर रावण का अंत कैसे हुआ. लेकिन, आपको बता दें कि रामायण में कुछ ऐसी भी चीजें हुई थी जिससे शायद अभी तक आप वंचित हैं.

इतना तो हम सभी जानते है कि रावण एक अहंकारी राक्षस के साथ ब्राहमण भी था और उसे दुनिया का सबसे बड़ा विद्वान कहा जाता था. अपनी जिंदगी में रावण ने एक सबसे बड़ी गल्ती कि और वो थी मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की पत्नी सीता का हरण करना. हालांकि, इसका परिणाम रावण को अपनी मृत्यु के रूप में भोगना पड़ा था. दरअसल,  जब रावण को तीर लग चुका था तब भगवान राम ने लक्ष्मण को उनके पास भेजा और बोला संसार से एक बहुत ही बड़े ज्ञानी पंडित विदा ले रहे है. तुम उनके पास  जाओ और उनसें कुछ ज्ञान की बातें प्राप्त कर लो. तब रावण ने लक्ष्मण को 3 ज्ञानवर्धक बातें बताई और अगर कोई भी व्यकित इन बातों को अपने जीवन में अपना लें तो उसे जिंदगी में कभी भी किसी भी पराजय का सामना नही करना पड़ेगा.

रावण ने मरते समय लक्ष्मण को पहली बात ये बताई थी कि जिंदगी में जो भी शुभ काम हो उन्हें जल्दी से जल्दी कर लें. वरना, जिंदगीभर पछताना पड़ सकता है. मैंने श्री राम को पहचानने में काफी वक्त लगा दिया, जिस वजह से मेरी ऐसी हालत हुई. वहीं, अशुभ कामों को जितनी देर तक हो सके उतना टालना चाहिए.

दूसरी बात रावण यह बताई थी कि, कभी भी अपने दुश्मन को छोटा या कमज़ोर नहीं समझना चाहिए. क्योंकि, मैं जिस वानर सेना को सिर्फ बंदर और भालू का झुंड समझता रहा उन्होंने मेरी पूरी सेना को मार गिराया और ये मेरी सबसे बड़ी भूल थी.

रावण ने तीसरी और आखिरी बात बताते हुए कहा कि जिंदगी में आपको कोई भी कितना अच्छा क्यों न लगता हो कभी भी किसी को अपना राज़ नही बताना चाहिए. मेरी यही गल्ती आज मेरी मौत का कारण बन गई क्योंकि मैंने अपना राज विभीषण को बताया और इसलिए आज मेरा विनाश हुआ.

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