कहीं लाश के लिए बनवाते हैं डिजाइनर ताबूत, तो कहीं गिद्धों को खिला देते हैं – अंतिम संस्कार से जुड़े अजीबोगरीब रिवाज

जिस तरह जिंदगी अटल है, उसी तरह मृत्यु भी कड़वा सत्य है. भले ही कोई मृत्यु के नाम से भय खाता हो, लेकिन यह प्रकृति के इस नियम के तहत सभी आते हैं. हालांकि मृत्यु के बाद शव के अंतिम संस्कार को लेकर दुनियाभर में अलग-अलग मान्यताएं हैं. हिंदुओं में शव को जलाया जाता है, मुस्लिम समाज में शव को दफना देते हैं, वहीं कई जगह शव को पानी में बहा दिया जाता है. कई जगह अजीबोगरीब मान्यताएं हैं, जिनके बारे में जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे.

यहां शव को चट्टान से टांग देते हैं

पापुआ न्यू गिनी के मेन्यामा क्षेत्न में लाश को संरक्षित करके रखते हैं. इसके लिए यहां किसी की मौत होने पर शव चट्टान से टांग दिया जाता है. लोगों का मानना है कि ऐसा करने से वो गांव की रक्षा करते रहते हैं.

यहां लटका देते हैं कब्र

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चीन के सिचुआन में कुछ सदी पहले लोगों ने कब्र लटका रखी थीं. यह साफ नहीं है, ऐसा डेड बॉडी को जानवरों से बचाने के लिए किया जाता था या इसलिए, ताकि ये भगवान के करीब रहें. ये कब्र करीब तीन हजार साल पुरानी हैं.

यहां बना देते हैं बीड्स

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दक्षिण कोरिया में कुछ जगह परिजन डेड बॉडी को छोटे-छोटे बीड्स में बदल देते हैं. इसके बाद इसे घर में रखते हैं. ऐसा वो राख को कंप्रेस करके करते हैं.

मुर्दे के साथ डांस

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आपने कभी मुर्दे के साथ डांस के बारे में सुना है? शायद नहीं, लेकिन मेडागास्कर में अजीब प्रथा है. यहां किसी करीबी को लाश को ताबूत से निकालकर उसे नए कपड़े पहनाए जाते हैं. इसके बाद उसके साथ डांस किया जाता है. इसे फैमिडिहाना कहते हैं.

कीड़ों को खिला देते हैं शव

अमेजन रेनफॉरेस्ट की यनोमामी जनजाति मुर्दे को खा जाते हैं. इसके लिए वे उसे तैयार करते हैं, ताकि उसकी आत्मा को शांति मिले. किसी के मरने पर पहले लाश को पत्तियों में छोड़ दिया जाता है, जिससे उसे कीड़े खा सकें. करीब एक माह बाद सभी हड्डियों को केले के सूप में मिलाकर पीते हैं. एक साल बाद राख को किसी अन्य सूप में मिलाकर पिया जाता है.

पक्षियों को खिला देते हैं यहां

ये प्रथा तिब्बत और चीन के कुछ इलाकों में है. यहां डेड बॉडी को पहाडी या अन्य स्थान पर पक्षियों का भोजन बनाने के लिए छोड़ दिया जाता है.

शव के लिए डिजाइनर ताबूत

आमतौर पर ताबूत साधारण होते हैं. मगर, घाना में अलग-अलग डिजाइन के ताबूत बनाए जाते हैं. मृतकों की अंतिम यात्ना के लिए बाकायदा कारपेंटर से आर्टिस्टक ताबूत बनवाए जाते हैं.

मौत पर होती है पार्टी

रूस में अंतिम संस्कार के दौरान चर्च बेल बजाकर सभी ग्रामीणों को इकट्ठा किया जाता है. इसके बाद व्यक्ति के मरने के नौवें और 40वें दिन डिनर पार्टी का आयोजन होता है. इस दौरान रशियन वोदका, डिल पिकल्स व राई ब्रेड को प्लेट में ही छोड दिया जाता है.

यहां गिद्धों को खिलाते हैं लाश

पारसी धर्म में लाश को टॉवर ऑफ साइलेंस में गिद्धों का भोजन बनने छोड़ देते हैं. डेड बॉडी को यहां लाने से पहले उसे पानी और सांड की यूरिन से साफ किया जाता है.

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